आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। मध्य प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भारी निराशा और असंतोष का माहौल है। राज्य के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में वर्तमान में 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते में पीछे चल रहे हैं, जिससे प्रदेश का हर वर्ग दीपावली के ऐन वक्त पर सरकार से बड़ी राहत की आस लगाए बैठा है।
10 माह से 2 प्रतिशत कम, अब 3 प्रतिशत का और बड़ा अंतर मध्य प्रदेश शासन के कर्मचारियों को पिछले 10 महीनों से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता कम दिया जा रहा है। जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जनवरी 2026 से 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, वहीं प्रदेश के कर्मचारियों को महज 58 फीसदी DA ही दिया जा रहा है।
हाल ही में केंद्र सरकार ने जुलाई माह से अपने कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ते का निर्णय लिया है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों का डीए बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। इसके चलते अब राज्य और केंद्र के डीए में अंतर बढ़कर पूरे 5 प्रतिशत हो गया है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
5 फीसदी महंगाई भत्ता वृद्धि: केंद्रीय तिथि के अनुसार राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए भी तुरंत बढ़ाकर 63 फीसदी किया जाए।
10 माह का एरियर्स: पिछले 10 महीनों के बकाया 2 प्रतिशत एरियर्स का भुगतान एक ही किस्त में किया जाए।
दीपावली से पूर्व भुगतान: त्यौहार के मद्देनजर यह घोषणा और भुगतान दीपावली से पहले किया जाए।
राज्य कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त कर दीपावली से पूर्व केंद्र के समान 63 फीसदी डीए और 10 माह का बकाया एरियर्स एकमुश्त दिया जाना चाहिए।
कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रमुख पदाधिकारियों — अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, बृजेश मिश्रा, इन्द्रप्रताप यादव, नरेश शुक्ला, विवेक रंजन शुक्ला, अर्जुन सोमवंशी, सुशील गुप्ता और राजाराम डेहरिया ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से गुहार लगाई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को उनके हक का भत्ता जल्द से जल्द दिया जाना चाहिए।
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