आर्य समय संवाददाता,बरेला (जबलपुर)। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ तहसील शाखा बरेला (जबलपुर) ने कर्मचारियों एवं शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भरी है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज तहसील कार्यालय बरेला पहुंचकर नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित इस ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को प्राथमिकता से रखा।
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपते हुए शासन का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया और मांगों के जल्द से जल्द निराकरण की अपील की।
प्रमुख मांगे -
TET परीक्षा निरस्तीकरण: शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए अनुचित शर्तों वाली TET परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली: कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू करने का आग्रह किया गया।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार: वर्तमान ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं को दूर करते हुए इसमें आवश्यक सुधार करने की पुरजोर मांग की गई।
ज्ञापन सौंपते समय मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ तहसील शाखा अध्यक्ष रजनीश कुमार पाण्डेय सचिव शुभसंदेश सिंगोर, ब्लॉक अध्यक्ष रामदास वरकडे सचिव निर्मल लोधी,शहजाद द्विवेदी दालचन्द पासी, मुकेश मेहरा ,मनोज सिंह, सुनीता घनघोरिया, प्रतिभा मार्को, अनीता कुरील, रेखा नवेरिया,सुनीता झरिया, मंजू आर्या, संगीता कश्यप, लक्ष्मी सिंह,रचना शुक्ला,अंशुल साहू , अखिल खरे,शेर *सिंह ,अजय दुबे ,सतीश उपाध्याय, प्रमोद विश्वकर्मा, सुरेंद्र चौबे, बृजेश दीक्षित, बालकृष्ण झरिया, संतोष चौरसिया, जयप्रकाश गुप्ता, खुशी लाल झरिया,आई डी पढ़रहा, किशोर दुबे, मिलन परस्ते, सुरेन्द्र तिवारी, सम्मत सिंह, देवी सिंह ठाकुर,नरेन्द्र यादव,शिवराम झरिया, रेवा प्रसाद चौबे, राजेंद्र भवेदी, जनक झरिया, प्रदीप मिश्रा , पारस सिंह धुर्वे, गणेश सिंगरौल, संतलाल कुर्वेती,नितिन पांडे, कृष्ण कुमार मरावी,रोहित सेन, मोहन सिंह अहके,संतोष बलवंशी, राममिलन बड़कड़े,राकेश बहेकर,के अनेक पदाधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि शासन द्वारा उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संघ भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
Continue With Google
Comments (0)