आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लेमा गार्डन के समीप स्थित गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे लोगों ने जब आग की ऊंची लपटें देखीं, तो पूरी बस्ती में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग बदहवास होकर घरों से बाहर निकले और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 20 से ज्यादा झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रशासन और दमकल की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम का दमकल अमला, स्थानीय पुलिस बल और विद्युत विभाग (एमपीईबी) की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए 15 से 20 दमकल वाहनों और पानी के टैंकरों को रेस्क्यू में लगाया गया। एहतियात के तौर पर बिजली विभाग ने पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी, जिससे करंट या अन्य बड़े हादसे को टाला जा सका। पुलिस बल ने मौके पर घेराबंदी कर भीड़ को नियंत्रित किया और राहत कार्य में सहयोग दिया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, गृहस्थी का सामान नष्ट
राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दर्जनों गरीब परिवारों की गृहस्थी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, जिसकी प्रशासन जांच कर रहा है। इस घटना ने घनी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा और अव्यवस्थित बिजली तारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फायर अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही दमकल वाहनों को रवाना किया गया। 10 से 12 मुख्य दमकल वाहन और टैंकर लगातार फेरे लगाते रहे। गाड़ियों के खाली होते ही उन्हें तुरंत रिफिल कर वापस आग बुझाने में लगाया गया, जिससे आग पर काबू पाया जा सका। 

सीएसपी अखिलेश गौर ने बताया सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। प्रारंभिक जानकारी में 30 से 35 परिवारों की झोपड़ियां प्रभावित होने की बात सामने आई है। आग पूरी तरह बुझने और राजस्व सर्वे के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन हो सकेगा।