आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। त्योहारी सीजन में उपनगरीय क्षेत्र रांझी में सरस्वती स्कूल ग्राउंड में लगे पटाखा बाजार में सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ती हुई साफ नजर आ रही हैं। यहां जिला प्रशासन और नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक तरफ बड़ा पटाखा बाजार सजा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उसके बिल्कुल करीब गैस सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को खुला आमंत्रण दे रही है।

30 से 50 दुकानें, लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य
कांग्रेस नेता शिव यादव ने बताया कि रांझी क्षेत्र में सजा यह पटाखा बाजार यहां का सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है, जिसमें अब तक 40 से अधिक दुकानें लग चुकी हैं और आने वाले दिनों में इनकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी तादाद में विस्फोटक सामग्री (पटाखे) बिकने के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।

फायर ब्रिगेड नदारद: बाजार के पास आग बुझाने के लिए दमकल (फायर ब्रिगेड) की कोई व्यवस्था नहीं है।

बिजली और स्वास्थ्य सेवाएं गायब: एमपीईबी (बिजली विभाग) और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भी मौके पर मौजूद नहीं है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटना असंभव साबित हो सकता है।

अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन

इस गंभीर मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों और जिम्मेदार लोगों ने नगर निगम के संबंधित जोन अधिकारी (DO) से बात की है। अधिकारियों की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि डेढ़ से दो घंटे के भीतर फायर ब्रिगेड और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजी आश्वासनों और दावों के भरोसे भारी भीड़भाड़ वाले इलाके में लोगों की जान दांव पर लगाई जा रही है।

बड़ा सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?

रांझी क्षेत्र में घनी आबादी के बीच इस तरह नियमों को ताक पर रखकर पटाखे और गैस सिलेंडर बेचना कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकता है। स्थानीय लोगों ने शासन, प्रशासन, पुलिस अमले और नगर निगम से कड़ी मांग की है कि त्योहारों के मद्देनजर तुरंत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।