आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। धनतेरस-दीपावली दौरान शहर से लेकर देहात तक चाकचौबंद सुरक्षा की कवायद के बीच बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के कुंडम रोड पर वाहन चैकिंग करने पहुंचे रक्षित निरीक्षक (आरआई) को उप पुलिस महानिरीक्षक ने निलंबित करते हुए संपूर्ण मामले की जांच आईपीएस एएसपी को सौंपी है। जांच के बाद आरआई पर अग्रिम कार्रवाई होगी। रक्षित निरीक्षक के सस्पेंड होने की खबर पुलिस महकमें में आग की तरह फैली और चर्चा का विषय बन गई। हालाकि पुलिस नौकरी के दौरान पहले सूबेदार रहे योगेश चौकसे समय-समय पर चर्चा में रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रक्षित निरीक्षक योगेश चौकसे को सुरक्षा के लिहाज से हाईकोर्ट सुरक्षा में तैनात किया गया था। आरआई योगेश चौकसे हाईकोर्ट की सुरक्षा को छोड़कर कुंडम रोड पर वाहनों की चैकिंग करने पहुंच गए। शासकीय वाहन के साथ सड़क पर वाहनों की चैकिंग दौरान रूपए मांगने की शिकायत किसी ने डीआईजी अतुल सिंह से कर दी। डीआईजी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पतासाजी की तो उन्हें जानकारी मिली की योगेश चौकसे की ड्यूटी हाईकोर्ट सुरक्षा में लगी हुई है। योगेश चौकसे को वायरलेस सेट सहित मोबाइल पर पूछा तो उन्होने गोलमोल जवाब दिया, जिसके बाद डीआईजी ने तत्काल योगेश चौकसे को उप पुलिस अधीक्षक निलंबित करते हुए संपूर्ण मामले की विस्तृत जांच आईपीएस एएसपी मनीष भारद्वाज को सौपी है। कार्यालय आने के निर्देश दिए। प्रारंभिक पूछताछ के बाद योगेश चौकसे को डीआईजी अतुल सिंह ने

कुंडम रोड पर पुलिस द्वारा वाहन चैकिंग दौरान अनाधिकृत रूप से रूपए मांगने की शिकायत मिलने पर पतासाजी की तो जानकारी मिली कि संबंधित अधिकारी को किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा चैकिंग करने/कराने के निर्देश नहीं दिए गए हैं।