आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। तीसरे अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीसी नं. 753/2020) ने सड़क दुर्घटना के एक मामले में बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने मुआवजा राशि का भुगतान न किए जाने पर कलेक्टर कार्यालय की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने (जब्त करने) के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी वाद के अधिवक्ता आत्माराम लखेरा ने मीडिया को दी।
कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे अधिवक्ता आत्माराम लखेरा ने बताया कि 7 अक्टूबर 2019 को कुण्डम एसडीएम की एक बोलेरो वाहन (क्रमांक MP-02 AV-6643) से एक सड़क दुर्घटना हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना के समय वाहन का संचालन टीकाराम ठाकुर द्वारा किया जा रहा था और वाहन का स्वामित्व मध्य प्रदेश शासन (कलेक्टर, जिला जबलपुर) के पास था।
मृतक की पत्नी नूरजहां ने मुआवजे के लिए मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत कोर्ट में दावा पेश किया था। पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद क्षतिपूर्ति के लिए मामला सिविल न्यायालय में चला।
कोर्ट का फैसला और अवार्ड राशि
तीसरे अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, जबलपुर के सदस्य बृजेश सिंह की अदालत ने 25 फरवरी 2025 को इस मामले में निर्णय पारित किया। कोर्ट ने आवेदक पक्ष के पक्ष में ब्याज सहित 12 लाख 93 हजार रुपये (लगभग 29.30 लाख रुपये की कुल क्षतिपूर्ति याचिका के संदर्भ में पारित अवार्ड) की राशि का अवार्ड पारित किया था।
कलेक्टर कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने के निर्देश
अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद आज दिनांक तक कलेक्टर कार्यालय द्वारा मुआवजा राशि जमा नहीं की गई। राशि का भुगतान न होने पर पीड़ित पक्ष ने जिला न्यायालय में निष्पादन (Execution) की कार्रवाई के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला न्यायालय ने आज कलेक्टर कार्यालय की सभी चल तथा अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। इसी के अनुपालन में आज अधिकारी और अधिवक्तागण कलेक्टर कार्यालय की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हेतु पहुंचे।
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