आर्य समय संवाददाता, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) के प्रशासनिक कामकाज में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। परीक्षाओं के आयोजन में पहले से ही छह माह की देरी चल रही विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ी चूक कर दी है, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया पर ही सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
क्या है पूरा मामला-
RDVV प्रशासन ने 23 मई 2026 को असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 28 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसके तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून 2026 तय की गई थी। नियमों के अनुसार, अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों से 1,000 रुपये और आरक्षित वर्ग से 500 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट (DD) आवेदन के साथ मांगे गए थे। इन डीडी को विश्वविद्यालय के स्थापना विभाग द्वारा बैंक में जमा कराया जाना था, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण तय समय पर इन्हें बैंक में प्रस्तुत नहीं किया गया।
एक्सपायर हो गए डीडी, बैंक ने लेने से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार, लगभग 170 अभ्यर्थियों के आवेदन के साथ संलग्न डीडी को विश्वविद्यालय प्रशासन जब अक्टूबर माह में बैंक लेकर पहुंचा, तो समयावधि निकल जाने के कारण बैंक ने उन्हें कैश करने से साफ इनकार कर दिया। बैंक ने सुझाव दिया है कि ये डीडी संबंधित अभ्यर्थियों को वापस लौटाए जाएं, ताकि वे अपने बैंक से इन्हें दोबारा बनवाकर जमा कर सकें।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
जानकारों का कहना है कि आरडीयू में पिछले दो सालों से कुलसचिव (Registrar) के पद पर किसी नियमित अधिकारी के टिक न पाने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। बिना आवेदन शुल्क जमा हुए विश्वविद्यालय प्रशासन अब इस भर्ती प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ाएगा, इसको लेकर संशय बना हुआ है और 170 अभ्यर्थियों का भाग्य अधर में लटक गया है।
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